रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आ गए हैं। अमित शाह ने रायपुर में आयोजित ऑर्गनाइजर कॉनक्लेव में आरोप लगाया कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में नक्सलियों को संरक्षण मिला।
इस पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने आरोपों को राजनीतिक दबाव में दिया गया बयान बताया और कहा कि उनके शासनकाल में नक्सल घटनाओं में करीब 60 प्रतिशत की कमी आई थी। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में अमित शाह खुद उनकी सरकार की तारीफ कर चुके हैं, लेकिन अब विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार नक्सलवाद की समाप्ति आदिवासी विकास के लिए चाहती थी, न कि उद्योगपतियों के हित में। उन्होंने बस्तर रोडमैप पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई योजनाएं कांग्रेस शासन में पहले ही शुरू हो चुकी थीं।
कुल मिलाकर, नक्सल मुद्दे पर केंद्र और राज्य की राजनीति एक बार फिर टकराव की स्थिति में पहुंच गई है।
