बलरामपुर। जल संसाधन विभाग की भाला-गिरवानी नहर परियोजना के तहत करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रही कंक्रीट नहर पहली ही मूसलाधार बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं और ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान घटिया सामग्री और कमजोर गुणवत्ता की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। वहीं निर्माण स्थल पर इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति का भी आरोप लगाया गया है।
मामले में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारायण प्रसाद डहरिया ने कहा कि नहर अभी निर्माणाधीन थी। अचानक हुई तेज बारिश से नुकसान हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों या ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से का दोबारा निर्माण कराया जाएगा।

