रायगढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 75 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का पर्दाफश किया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल 14 लोगों को बिहार से गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है।
कैसे हुई ठगी?
यह मामला खरसिया के एक व्यवसायी से जुड़ा है। व्यवसायी ने फेसबुक पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की डीलरशिप का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को कंपनी का प्राधिकृत कर्मचारी बताते हुए विभिन्न शुल्कों के नाम पर 75 लाख रुपये ठग लिए। जब व्यवसायी को डीलरशिप नहीं मिली और आरोपियों ने और पैसे मांगे तो उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने खरसिया थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने डीएसपी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर बिहार में छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 मोबाइल फोन, 49 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और नकद रुपये बरामद किए हैं।
गिरोह का तरीका
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। गिरोह में हर सदस्य की एक अलग भूमिका थी। कोई बैंक खाता खुलवाता था तो कोई आधार कार्ड में पता बदलता था। गिरोह में एटीएम कार्ड डिलीवर करने वाले पोस्टमैन की भी भूमिका सामने आई है।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने बताया कि इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों को ठगी से बचाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती रहेगी।

