छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के गोपालभावना गांव में ग्रामीण डायरिया का शिकार हो रहे हैं। गांव में दूषित पानी पीने के चलते तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गांव के कुल 32 लोग डायरिया से संक्रमित हैं। लगातार आ रही डायरिया की शिकायत को देखते हुए पीएचई विभाग ने पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के इलाज के लिए गोपालभावना गांव में ही स्वास्थ्य कैंप लगाया है। मरीजों को कैंप में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, कुछ मरीजों को पिपरिया CHC में भर्ती कराया गया है। वहीं एक मरीज को जिला अस्पताल रिफर किया गया है।
बता दें PHE विभाग की लापरवाही के चलते गांव में पीने के लिए साफ पानी की समस्या है। ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। 2 महीने के अंतराल में अलग-अलग गांव में डायरिया (उल्टी दस्त) फैलने की यह चौथी घटना है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या को उजागर करती है। सरकार को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही PHE विभाग को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।