विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने लोकपाल की नियुक्ति नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों की एक सूची जारी की है। छत्तीसगढ़ के 5 सरकारी विश्वविद्यालय इस सूची में शामिल हैं, जिन्हें डिफॉल्टर घोषित किया गया है।
यह कार्रवाई यूजीसी (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 का उल्लंघन करने पर की गई है, जिसके अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय को लोकपाल नियुक्त करना अनिवार्य है।
डिफॉल्टर घोषित किए गए विश्वविद्यालयों में शामिल हैं:
- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर
- आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रायपुर
- कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग
- महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, बिलासपुर
- शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, शहीद नंदकुमार पटेल नगर (मांढर)
यूजीसी ने कुल 108 राज्य विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित किया है।
छत्तीसगढ़ में लोकपाल नियुक्ति में लापरवाही एक गंभीर मुद्दा है। छात्रों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के लिए लोकपाल का पद महत्वपूर्ण है।
यह उम्मीद की जाती है कि यूजीसी की यह सख्त कार्रवाई संबंधित विश्वविद्यालयों को त्वरित रूप से लोकपाल नियुक्त करने के लिए प्रेरित करेगी, ताकि छात्रों को उचित मंच प्रदान किया जा सके जहाँ वे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और उनका समाधान करा सकें।