कोंडागांव वनमंडल अंतर्गत 17 जुलाई को वन विभाग के अमले ने तेंदुए की खाल के साथ छह आरोपियों को पकड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंडागांव के समक्ष पेश करने के बाद सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जगदलपुर स्थित केन्द्रीय कारागार भेजा गया।
मुखबिर से मिली वन्यजीव तस्करी की सूचना पर वनमंडलाधिकारी रमेश कुमार जांगड़े ने टीम गठित की थी। इस टीम में संयुक्त वनमंडलाधिकारी आशीष कुमार कोट्रीवार, परिक्षेत्र अधिकारी अमरावती प्रतीक वर्मा, उप वनक्षेत्रपाल पारस पटेल, वनरक्षक कामेश शान्डील्य और वनरक्षक योगेश कोर्राम शामिल थे। टीम ने सुबह से ही ओडिशा सीमा से लगे ग्रामों में रेकी कर आने-जाने वाले वाहनों की जांच शुरू की।
गश्त के दौरान ग्राम मिरमिंडा के पास मुख्य मार्ग के किनारे 6 संदिग्ध व्यक्ति तीन मोटरसाइकिल के साथ एक बोरी में कुछ सामान के साथ दिखाई दिए। सामान की जांच के दौरान बोरी से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई। बरामद सामान को मौके पर ही जप्त कर लिया गया।
पूछताछ में संदिग्ध व्यक्तियों ने अपनी पहचान ओडिशा जिला नवरंग निवासी मनुराम मरकाम, गणेश गोंड, गंगाराम पुजारी, चेरा पुजारी और कोंडागांव, माकड़ी निवासी धनपती पोयाम और धनपती मरकाम के रूप में बताई। पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 11, 12, 39, 40(2), 48 1, 49 1, 498, 50, 51, 57 के तहत पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18433/10 दर्ज किया गया।
18 जुलाई को सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोंडागांव के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने सभी 6 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में केन्द्रीय कारागार जगदलपुर भेज दिया।

