बलौदाबाजार में 22 गायों की मौत: प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

बलौदाबाजार: जिले में लगातार गायों की मौतें एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। आज सुबह पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम गातापार कोसमंदी मार्ग पर 22 गायें मृत अवस्था में मिलीं, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने शासन द्वारा गौवंशों की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रबंधों पर सवाल खड़ा कर दिया है।

ग्राम गातापार कोसमंदी मार्ग पर सड़क किनारे लगभग 23 गायें मिलीं, जिनमें से 22 की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना पलारी पुलिस को दी, जो मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पशु चिकित्सकों की टीम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। गौवंशों का पोस्टमार्टम कराकर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी प्रशासन द्वारा की जा रही है।

दम घुटने से मौत की आशंका

उप संचालक पशु चिकित्सक डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि गायों की मौत दम घुटने से हुई है। इससे यह सवाल उठता है कि इन गायों को कहां रखा गया था, जहां उनकी मौत हुई और फिर उन्हें यहां लाकर छोड़ दिया गया। कुछ दिन पहले लवन थाना क्षेत्र के ग्राम मरदा में एक छोटे कमरे में 14 गौवंशों को ठुंस-ठुंस कर भर दिया गया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस घटना में भी वही कारण हो सकता है।

ग्राम मरदा की घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने तब मीडिया से कहा था कि बहुत जल्द गौवंशों की रक्षा के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जो चिंता का विषय है।

जांच जारी

फिलहाल, पलारी पुलिस इस घटना की जांच कर रही है कि आखिर किसने इन गायों को यहां लाकर छोड़ा है। प्रशासन और पुलिस द्वारा इस मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। गौवंशों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

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