भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई में राजनीतिक तनाव चरम पर है। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए संघर्ष में कई लोग घायल हुए हैं और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा है। यह पूरा मामला एक छोटे से विवाद से शुरू हुआ था जो धीरे-धीरे राजनीतिक रंग लेता गया।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला दो दिन पहले हुए एक छोटे से विवाद से शुरू हुआ था। जिम संचालक पुष्पराज सिंह और शकील नाम के एक युवक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने समर्थकों को बुला लिया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बजरंग दल का प्रदर्शन
बजरंग दल के नेताओं ने शकील और उसके साथियों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर भिलाई 3 सिरसा गेट पर प्रदर्शन किया। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का काफिला भी वहां से गुजर रहा था और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया था।
कांग्रेस का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
कांग्रेस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले को रोकने का आरोप लगाया और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भिलाई 3 थाने का घेराव किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कांग्रेस के नगर पालिका कुम्हारी अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर और जामुल थाना के टीआई कपिल पांडेय घायल हो गए।
सभापति और पार्षदों पर कार्रवाई
दूसरी ओर, चरोदा निगम के सभापति कृष्ण चंद्राकर और दो पार्षदों पर जिम संचालक के साथी अमित लखवानी से मारपीट करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक रंग लेता गया और कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस ने भाजपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया तो वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर कानून को अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया।