बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में टीकाकरण के बाद दो नवजात शिशुओं की मौत का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इस मामले की गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत पटैता के कोरी पारा में रहने वाले धनेश्वरी और सत्यभामा के नवजात शिशुओं की 30 और 31 अगस्त को मौत हो गई थी। दोनों शिशुओं को 30 अगस्त को पटैता के आंगनबाड़ी केंद्र में बीसीजी और पेंटा वन का टीका लगाया गया था। टीका लगने के कुछ ही देर बाद दोनों शिशुओं की तबीयत बिगड़ गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
टीएस सिंहदेव ने जताई चिंता
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव रविवार को बिलासपुर के मातृ शिशु अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती अन्य शिशुओं और उनके परिजनों से मुलाकात की और घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस घटना से राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का साथ
टीएस सिंहदेव के साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय केशरवानी भी मौजूद थे। उन्होंने भी इस घटना की निंदा की और सरकार से जवाब मांगा।