रायपुर: राजधानी रायपुर में गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कदम उठाए हैं। कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रास सभागार में आयोजित एक बैठक में गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया और उत्सव को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए गए।
बैठक में क्या हुआ?
बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों को समय-समय पर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा। विशेष रूप से, प्रतिमाओं के विसर्जन प्रक्रिया और पॉलिथीन के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
गणेश उत्सव के लिए जारी दिशानिर्देश:
- निर्धारित स्थानों पर विसर्जन: गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जाए।
- सीसीटीवी कैमरे और वालंटियर: सभी पंडालों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और वालंटियर तैनात किए जाएं।
- बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग: पंडाल निर्माण और प्रतिमाओं के निर्माण में केवल बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया जाए।
- पॉलिथीन पर प्रतिबंध: पॉलिथीन थैलियों का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
- शांति और व्यवस्था: गणेश उत्सव के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
- यातायात व्यवस्था: सड़क किनारे पंडाल नहीं लगाए जाएं ताकि यातायात बाधित न हो।
- स्वच्छता अभियान: उत्सव के दौरान स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखा जाए।
उल्लंघन पर कार्रवाई:
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी समिति इन निर्देशों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण और गंदगी फैलाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की मौजूदगी:
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों से अपील की कि वे उत्सव को शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल बनाएं।