रायपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले जिलों—महासमुंद, बलौदा बाजार, गरियाबंद, और धमतरी—में 14 और 15 सितंबर 2024 को मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के तहत 23,000 किलो से अधिक गांजा को विधिसम्मत तरीके से नष्ट किया गया। इस कार्रवाई को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और गृह मंत्रालय के आदेशों के अनुसार अंजाम दिया गया, जिसमें पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विधिसम्मत नष्टीकरण की प्रक्रिया
मादक पदार्थों का नष्टीकरण रायपुर के सिलतरा स्थित एक निजी पावर प्लांट में किया गया। इस प्लांट में भट्ठी में गांजे को जलाकर नष्ट किया गया। यह नष्टीकरण प्रक्रिया गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत की गई, जिसमें मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन किया गया। इसके लिए जनसुरक्षा और पर्यावरण विभाग की अनुमति प्राप्त की गई थी, ताकि नष्ट करने की प्रक्रिया से पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे और जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आंकड़े और जिलों के मामले
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान विभिन्न जिलों से जब्त किए गए गांजे के आंकड़े इस प्रकार रहे:
- महासमुंद: 443 मामलों में 22,631.269 किलो गांजा जब्त किया गया और नष्ट किया गया।
- बलौदा बाजार: 5 मामलों में 224.650 किलो गांजा को जलाया गया।
- धमतरी: 8 मामलों में 328.768 किलो गांजा नष्ट किया गया।
- गरियाबंद: 16 मामलों में 309.226 किलो गांजा का विधिसम्मत नष्टीकरण किया गया।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि महासमुंद जिले में सबसे अधिक मात्रा में गांजा जब्त किया गया, जिससे यह जिला मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। वहीं, अन्य जिलों में भी मादक पदार्थों की जब्ती और नष्ट करने की प्रक्रिया सक्रिय रूप से की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस नष्टीकरण कार्रवाई की निगरानी और क्रियान्वयन में रायपुर रेंज के प्रमुख अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रायपुर रेंज, अमरेश मिश्रा इस नष्टीकरण प्रक्रिया के अध्यक्ष रहे। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. संतोष कुमार सिंह और धमतरी के पुलिस अधीक्षक आंजनेय वैष्णव भी मौजूद थे। इन अधिकारियों की उपस्थिति ने सुनिश्चित किया कि यह नष्टीकरण पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया।
गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के निर्देश
यह पूरी कार्रवाई गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के आदेशों के तहत की गई, जिसके अंतर्गत मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इस निर्देश का उद्देश्य न केवल मादक पदार्थों को समाज से दूर करना था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि उनके नष्ट करने की प्रक्रिया से किसी भी प्रकार का पर्यावरणीय या सामाजिक नुकसान न हो।
मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत देती है। इस नष्टीकरण से यह संदेश जाता है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन मादक पदार्थों की तस्करी को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। नशीले पदार्थों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई से अपराधियों को स्पष्ट संदेश मिलता है कि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मादक पदार्थों का उत्पादन, तस्करी, या खपत किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।