महासमुंद: क्षेत्र में बढ़ती अवैध महुआ शराब की समस्या से निपटने के लिए बड़गांव में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत में लगभग 19 गांवों के पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न समाजों के प्रमुख शामिल हुए हैं।
क्यों आयोजित की गई महापंचायत?
क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का उत्पादन और बिक्री तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। नशाखोरी बढ़ने से समाज में झगड़े और अपराधों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इस समस्या से निपटने और युवाओं को बचाने के लिए यह महापंचायत आयोजित की गई है।
कौन-कौन शामिल हुआ?
महापंचायत में बड़गांव, जम्हर, ढेबा, ढेबी, अकलतरा, खुसरुपाली, कोकोभांठा, राजाडेरा, छिबर्रा, कोचर्रा, आमगांव, देवगांव, चरौदा सहित लगभग 19 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और समाज प्रमुख शामिल हुए।
क्या हुआ महापंचायत में?
महापंचायत में अवैध शराब के उत्पादन और बिक्री को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने अवैध शराब के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने का फैसला किया। इस महापंचायत में अवैध शराब निर्माण और विक्रय को नियंत्रित करने के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है।
आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
महापंचायत में आबकारी विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि आबकारी विभाग अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।