राजनांदगांव। साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर राजनांदगांव पुलिस की साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई की है। “मिशन साइबर सुरक्षा” के तहत एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है, जो ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर कंबोडिया स्थित चीनी साइबर अपराधियों तक पहुंचा रहा था।
गिरोह का बड़ा खुलासा
इससे पहले भी राजनांदगांव पुलिस ने इसी गिरोह के चार सदस्यों पर कार्रवाई कर ऑनलाइन ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। गिरोह भारतीय नागरिकों को SHAADI.COM, ADONI One ग्रुप और CISCO जैसी फर्जी इन्वेस्टमेंट कंपनियों के नाम पर ठग रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि इस गिरोह ने 60 से अधिक बैंक खातों के माध्यम से 5 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया है।
शिकायत से हुआ खुलासा
स्टेशन रोड स्थित च्वाइस सेंटर संचालक रूपेश साहू ने 22 दिसंबर 2024 को साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने 90,000 रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए, जिससे उसका खाता फ्रीज हो गया। इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तीन आरोपी पहले ही जेल भेजे गए
विशेष जांच टीम ने मुख्य आरोपी आशुतोष शर्मा से पूछताछ की, जिससे तीन अन्य आरोपी श्रेणिक कुमार सांघवी (वलसाड, गुजरात), शुभम तिवारी (डोंगरगढ़, छत्तीसगढ़) और दीपक नरेडी (बसंतपुर, छत्तीसगढ़) के नाम सामने आए। इन तीनों को 31 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मुंबई से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
गुजरात निवासी श्रेणिक सांघवी ने खुलासा किया कि गिरोह भारत में बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर कंबोडिया भेजता था। इसके बाद पुलिस ने 10 फरवरी 2025 को मुंबई से मुख्य आरोपी रोहित महेश कुमार वीरवानी को गिरफ्तार किया और 11 फरवरी को राजनांदगांव लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
कैसे होती थी ठगी?
- आरोपी भारतीय बैंक खातों को साइबर ठगों के लिए उपलब्ध कराता था।
- ठगी के पैसे को एटीएम से निकालकर USDT (U.S. Dollar Tether) क्रिप्टोकरेंसी में बदलता था।
- यह क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट के जरिए भारतीय और चीनी साइबर अपराधियों तक कंबोडिया भेजी जाती थी।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के कई अन्य सदस्य भारत और विदेशों में सक्रिय हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और चार एटीएम कार्ड जब्त किए हैं।





