गृह मंत्री विजय शर्मा बोले, ‘नेता प्रतिपक्ष ने कई मामलों की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपने कहा था, नतीजे तक पहुंचने के लिए जांच जारी है’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI ने आज तड़के बड़ी छापेमारी की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके राजनीतिक सलाहकार, करीबी अधिकारियों और व्यापारियों के ठिकानों पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है।

CBI की रेड: किन-किन पर गिरी गाज?

CBI की टीम ने रायपुर, भिलाई समेत 24 से ज्यादा जगहों पर एक साथ छापेमारी की। प्रमुख नामों में शामिल हैं:

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
  • राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा
  • सीएम सचिवालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया
  • विधायक देवेंद्र यादव
  • पूर्व IAS अनिल टूटेजा
  • IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल
  • एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, संजय ध्रुव
  • KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी
  • पूर्व OSD मनीष बंछोर और आशीष वर्मा
  • निरीक्षक गिरीश तिवारी

ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील

CBI की टीम ने राजनांदगांव की VIP कॉलोनी स्थित ASP अभिषेक महेश्वरी के घर पर छापा मारा। उनके घर को सील कर दिया गया है, क्योंकि रेड के समय वे घर पर मौजूद नहीं थे।

भूपेश बघेल के बेटे से पूछताछ

भिलाई स्थित आवास पर बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ जारी है। पूर्व सीएम बघेल केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में अपने परिवार के साथ मौजूद हैं।

सौम्या चौरसिया के घर से अहम दस्तावेज बरामद

बघेल सरकार में सीएम सचिवालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया के घर पर भी छानबीन जारी है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प

भिलाई में CBI की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई। मौके पर CSP हरीश पाटिल, चार थानों के टीआई और 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। कांग्रेस पार्षद के पति लाभेश मन्दरकर और जामुल टीआई कपिल देव पांडेय के बीच भी झड़प हुई।

क्या है पूरा मामला?

अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच CBI को सौंपी गई थी। ईडी ने जनवरी 2023 से जांच शुरू की थी, जिसके बाद ACB और EOW ने भी इसे संभाला।

4 मार्च 2024 को ACB ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया। बघेल पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत केस दर्ज हुआ। कई अन्य अधिकारियों और व्यापारियों के नाम भी सामने आए हैं।

सियासी घमासान शुरू

गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, “CBI की जांच कई विषयों पर चल रही है। विपक्ष के नेता खुद CBI और ED जांच की मांग कर चुके हैं, उन्हें भी एजेंसियों पर भरोसा है।”

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