सूरजपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां एक ओर श्रद्धालु शक्ति की देवी की आराधना में लीन हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के सूरजपुर स्थित कुदरगढ़ देवी मंदिर में एक अद्भुत और आस्था से जुड़ी घटना देखने को मिली। मां कालरात्रि की पूजा के दिन आरती के दौरान मंदिर परिसर में अचानक एक नाग प्रकट हो गया, जिसे देखकर श्रद्धालु आश्चर्यचकित रह गए और इसे देवी का आशीर्वाद मानने लगे।
मुख्य पुजारी बैगा रोज़ की तरह देवी की आरती कर रहे थे, तभी चरण कुंड के पास कुछ हलचल महसूस हुई। जब उन्होंने वहां की जाली हटाई, तो एक नाग बाहर निकल आया। हालांकि, इस दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और नाग शांति से वहां से निकल गया।
यह घटना मंदिर में मौजूद भक्तों के लिए आस्था और कौतूहल का केंद्र बन गई। श्रद्धालुओं का मानना है कि नवरात्र के इस विशेष दिन पर नाग का प्रकट होना एक शुभ संकेत है, जो देवी की कृपा का प्रतीक माना जा रहा है।
कुदरगढ़ मंदिर : आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम
सूरजपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित कुदरगढ़ी मां बागेश्वरी देवी का मंदिर एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। 1500 फीट ऊंची पहाड़ी पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 900 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। रास्ते में मनमोहक झरनों और हरियाली के दृश्य इस यात्रा को और भी यादगार बना देते हैं।
नवरात्रि के अवसर पर यहां दस दिवसीय भव्य मेला लगता है, जिसमें छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां बागेश्वरी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण कुदरगढ़ मंदिर, नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर नाग प्रकट होने की घटना के बाद श्रद्धालुओं के लिए और भी विशेष बन गया है।



