दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां नवरात्रि के अंतिम दिन एक सगे चाचा ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए 6 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। मासूम का शव एक कार की डिक्की से बरामद हुआ। बच्ची के चाचा ने पड़ोसी को फंसाने की नीयत से शव को उसकी कार में छिपा दिया था। इस घिनौने अपराध के बाद जिले में भारी आक्रोश का माहौल है।
इस मामले में दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। संघ ने बैठक कर फैसला किया कि कोई भी अधिवक्ता आरोपी का केस नहीं लड़ेगा। संघ के कोषाध्यक्ष अनिल जायसवाल ने इसे जिले के इतिहास का काला दिन बताया और कहा कि आरोपी के खिलाफ वकील एकजुट हैं। संघ के सचिव रविशंकर सिंह ने भी इस निर्णय का समर्थन किया।
कन्याभोज के लिए निकली थी मासूम, शाम को मिला शव
घटना नवरात्रि की नवमी तिथि की सुबह की है, जब बच्ची कन्याभोज के लिए घर से निकली थी। परिजन शाम तक उसका इंतजार करते रहे लेकिन जब वह नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू हुई। देर शाम बच्ची का शव घर के पास पार्क में खड़ी कार की सीट के नीचे मिला। लाश की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया।
लोगों का फूटा गुस्सा, निर्दोष पड़ोसी के घर में तोड़फोड़
शव मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साई भीड़ ने कार मालिक के घर पर हमला कर तोड़फोड़ कर दी और वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जबकि पुलिस जांच में वह निर्दोष पाया गया है। आरोपी ने जानबूझकर उसी कार का इस्तेमाल किया जिसका एक दरवाजा खराब था, ताकि पड़ोसी को फंसाया जा सके।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला
दुर्ग पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ साक्ष्य मजबूत हैं और उसके खिलाफ मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि उसे जल्द से जल्द सजा मिल सके।
उग्र भीड़ ने लगाई आग, अब उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई
बच्ची का शव मिलने के बाद उग्र भीड़ ने कार मालिक के घर और गाड़ियों में आग लगा दी थी। इस संबंध में एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि उपद्रव करने वालों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर कर ली गई है, जिन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम में सामने आई निर्ममता
प्रत्यक्षदर्शी महिला मीना यादव के अनुसार बच्ची की लाश कार की सीट के नीचे मिली थी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे, मुंह और नाक से खून बह रहा था, और पैर मुड़े हुए थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार किया गया।
यह मामला पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला है, और अब पूरे समाज की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी को जल्द सजा मिले और मासूम को न्याय।