रायपुर। छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रजिस्ट्री से होने वाली आय का कुल लक्ष्य 3200 करोड़ रुपये तय किया गया था। हालांकि, राज्य इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया और कुल 2966.06 करोड़ रुपये की आय हुई, जो निर्धारित लक्ष्य से 7.31 प्रतिशत कम रही। इसके बावजूद दो जिलों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ लक्ष्य हासिल किया बल्कि उससे ज्यादा राजस्व भी कमाया।
रायगढ़ ने सबसे अधिक बढ़त दर्ज की
रायगढ़ जिले को 172 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले जिले ने 253 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की। यह लक्ष्य से 47 प्रतिशत अधिक है और पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर प्रदर्शन है।
राजनांदगांव रहा दूसरे नंबर पर
राजनांदगांव जिले को 140 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, जबकि जिले ने 141.8 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय जुटाई। यह लक्ष्य से 1.29 प्रतिशत ज्यादा है और प्रदर्शन के लिहाज से दूसरे स्थान पर रहा।
रायपुर को नहीं मिला टारगेट, फिर भी बढ़ी आय
राजधानी रायपुर को 1226 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन यहां की आय 1104.83 करोड़ रुपये रही, जो लक्ष्य से 9.88 प्रतिशत कम है। हालांकि पिछले साल की तुलना में रायपुर की आय में 15.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यहां 956.11 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
दंतेवाड़ा सबसे पीछे
दंतेवाड़ा जिले का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। यहां रजिस्ट्री से होने वाली आय लक्ष्य के 75 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाई।
मार्च में हुआ जबरदस्त रेवेन्यू कलेक्शन
हर साल की तरह इस बार भी मार्च माह में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री हुई। मार्च 2024 में प्रदेशभर में 466.05 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि मार्च 2023 में यह आंकड़ा 410.36 करोड़ रुपये था। इस प्रकार मार्च में 13.57 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।





