बस्तर/रायपुर, 23 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली। हिड़मा के करीबी सहयोगी एर्रा उइका (35) समेत 37 नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर समारोह जगदलपुर के पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुआ, जहां एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल सहित 8 हथियार सौंपे गए। इनमें तीन इनामी नक्सली शामिल हैं—एर्रा पर 20 लाख, सोमू मंडावी पर 15 लाख और हिड़मा पर 10 लाख का इनाम था।
सरेंडर का विवरण: एर्रा, जो हिड़मा का दाहिना हाथ माना जाता था, ने कहा, “हिड़मा की मौत के बाद हिंसा का कोई भविष्य नहीं। मुख्यधारा में लौटना ही एकमात्र रास्ता।” समूह में 15 महिलाएं और 22 पुरुष शामिल, जो दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमिटी के सदस्य थे। सरेंडर नक्सल नीति-2025 के तहत हुआ, जिसमें प्रत्येक को 2.5 लाख की सहायता राशि, कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास पैकेज मिलेगा।
पुलिस का दावा: IG बस्तर दीपशिखा सिंह बोलीं, “हिड़मा की हत्या के बाद उसके गुट में भगदड़ मची। यह सरेंडर नक्सलवाद को कमजोर करने का बड़ा झटका।” अब तक 2025 में 1,800+ नक्सली सरेंडर कर चुके। CM विष्णुदेव साय ने बधाई दी, कहा- “शांति की ओर बढ़ते कदम।”
यह घटना हिड़मा एनकाउंटर (18 नवंबर) के ठीक पांच दिन बाद हुई, जो नक्सल संगठन पर दबाव को दर्शाती है।