रायपुर, 24 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के मांडवी इलाके में मोजो मशरूम फैक्ट्री से 104 नाबालिगों का बाल श्रम रेस्क्यू ऑपरेशन चला। श्रम विभाग और एनजीओ की टीम ने बुधवार रात छापा मारा, जहां 10-14 साल के बच्चे 12-14 घंटे रात-दिन मशरूम पैकिंग में लगे थे। बच्चे बोले, “मारपीट होती थी, सैलरी 2-3 महीने से नहीं मिली।”
रेस्क्यू का विवरण: फैक्ट्री मालिक राकेश वर्मा ने पड़ोसी राज्यों से बच्चों को लाकर रखा था। कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं—गंदे कमरे, खराब खाना। एक 12 साल की बच्ची ने कहा, “काम न करने पर डंडे पड़ते। घर लौटने का सपना भी नहीं।” रेस्क्यू के बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के हवाले किया।
कार्रवाई में देरी: श्रम विभाग ने POCSO और बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की बात कही, लेकिन 24 घंटे बाद भी FIR नहीं। मालिक फरार। SP रायपुर बोले, “जांच जारी, जल्द गिरफ्तारी।” एनजीओ ने सरकार से सख्ती की मांग की। मामला उजागर होने से जिले में हड़कंप।