शराब घोटाला…EOW बोली- चैतन्य को मिले 250 करोड़:रायपुर कोर्ट में 3800 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश, एजेंसी बोली-उगाही का बड़ा हिस्सा बघेल तक पहुंचा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले (Liquor Scam) में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रायपुर कोर्ट में एक सनसनीखेज सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। करीब 3800 पन्नों के इस दस्तावेज़ में घोटाले की परतों को खोलते हुए जाँच एजेंसी ने सीधे तौर पर राजनीतिक संलिप्तता का दावा किया है।

EOW का सबसे बड़ा आरोप है कि शराब सिंडिकेट के अहम सदस्य चैतन्य बघेल को ₹250 करोड़ दिए गए। यही नहीं, एजेंसी ने कोर्ट में यह भी कहा है कि अवैध उगाही का एक बड़ा हिस्सा तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुँचाया गया।

चार्जशीट के मुख्य बिंदु

3800 पन्नों का दस्तावेज़: EOW ने डिजिटल साक्ष्य, बयान और मनी ट्रेल (पैसों का लेन-देन) को इस चार्जशीट का आधार बनाया है।

250 करोड़ की ट्रेल: जाँच एजेंसी के मुताबिक, शराब कंपनियों और सिंडिकेट से वसूली गई राशि का एक बड़ा हिस्सा चैतन्य के माध्यम से रूट किया गया।

राजनीतिक फंडिंग का आरोप: चार्जशीट में दावा किया गया है कि घोटाले के पैसों का इस्तेमाल न केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए, बल्कि राजनीतिक गतिविधियों और चुनाव प्रबंधन में भी किया गया।

होलोग्राम और अवैध बिक्री: सप्लीमेंट्री चार्जशीट में विस्तार से बताया गया है कि कैसे नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से कच्ची शराब बेची गई और राजस्व को चूना लगाया गया।

सियासत में उबाल

EOW की इस चार्जशीट ने प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। जहाँ भाजपा इसे भ्रष्टाचार का “सबसे बड़ा दस्तावेजी सबूत” बता रही है, वहीं कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करार दिया है। कोर्ट अब इस चार्जशीट के आधार पर आरोपियों को समन जारी करने की तैयारी में है।

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