सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में टोल प्लाजा पर एक बार फिर टोल संचालक की मनमानी सामने आई है। आरोप है कि टोल प्लाजा कर्मचारियों ने ट्रकों को रोककर ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली की, जिससे ट्रांसपोर्टरों और टोल कर्मियों के बीच विवाद हो गया।
जानकारी के अनुसार, टोल प्लाजा पर ट्रकों से ओवरलोडिंग का हवाला देकर प्रति वाहन करीब 800 रुपये नकद की मांग की जा रही थी। ट्रांसपोर्टरों ने जब इसका विरोध किया तो मामला बढ़ गया। नाराज ट्रांसपोर्टरों ने अपनी गाड़ियां टोल प्लाजा के सामने खड़ी कर दीं, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भी टोल कर्मचारियों ने सड़क पर खंभा गाड़कर रास्ता बाधित कर दिया था, ताकि वाहन चालकों को मजबूरन टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़े। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि टोल संचालक और ट्रांसपोर्टर्स के बीच ओवरलोड वाहनों को लेकर पहले से समझौता हुआ था, जिसके तहत 2 जनवरी तक शुल्क तय था या पहले ही दिया जा चुका था। इसके बावजूद टोल संचालक द्वारा समय से पहले वसूली शुरू कर दी गई, जिससे नाराज ट्रांसपोर्टरों ने टोल प्लाजा पहुंचकर जमकर हंगामा किया।