पखांजूर। जो गांव कभी शांति और आपसी सौहार्द के लिए जाना जाता था, वह आज हिंसा और तबाही का गवाह बन गया है। ओडिशा के मलकानगिरि जिले के एमवी-26 गांव में एक महिला की हत्या के बाद हालात बेकाबू हो गए और उग्र भीड़ ने 230 से 250 घरों में आग लगा दी। इस हिंसा में ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत और पूंजी जलकर खाक हो गई।आगजनी की इस घटना में कच्चे-पक्के मकान, अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गए।
अचानक हुई इस घटना से सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। गांव में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, महिला की हत्या के बाद गांव में तनाव फैला, जो जल्द ही हिंसक रूप में बदल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ ने पूरे गांव को निशाना बना लिया। घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
इस मानवीय त्रासदी के बाद छत्तीसगढ़ के परलकोट क्षेत्र से पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया गया है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और समाज के लोगों द्वारा अनाज, कपड़े और दैनिक उपयोग की सामग्री पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जा रही है। पीड़ितों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा और स्थायी पुनर्वास की मांग की है। यह घटना कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।





