रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को बस्तर पंडुम 2026, छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह महोत्सव राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का महत्वपूर्ण प्रयास है। महोत्सव तीन चरणों में आयोजित होगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति के बारे में भी राष्ट्रपति को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। महोत्सव में लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन और वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।