धमतरी, 7 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ में ‘जी राम जी’ योजना को लेकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने धमतरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नाथूराम गोडसे को ‘राष्ट्रवादी व्यक्ति’ बताया। 20 उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम जोड़कर योजनाओं का नामकरण किया और महापुरुषों के नाम हटाकर परिवारवाद को बढ़ावा दिया। 20
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025’ ग्रामीण विकास का मील का पत्थर है। यह मनरेगा का उन्नत रूप है, जहां 125 दिनों का रोजगार गारंटी और 7 दिनों में मजदूरी भुगतान होगा। देरी पर ब्याज मिलेगा। 20 उन्होंने 2014 से मोदी सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं का जिक्र किया। 20
कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नाथूराम गोडसे मुर्दाबाद, गोडसेवादी मुर्दाबाद। मनरेगा से गांधी का नाम हटाना गोडसेवादी सोच है।” 20 उन्होंने सीएम विष्णुदेव साय से पूछा कि गांधीजी ने ‘हे राम’ कब कहा? जब RSS के सदस्य और सावरकर के चेले गोडसे ने गोली मारी। 20
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, “BJP स्पष्ट करे- गोडसे राष्ट्रवादी था या भारत का पहला हत्यारा? वह गांधीजी का कातिल था। टंकराम को बर्खास्त करें।” 20
यह विवाद मनरेगा से गांधी का नाम हटाने से शुरू हुआ। जांच जारी, अपडेट के लिए बने रहें।