रायपुर। अगस्त 2021 में पंडरी का अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव शिफ्ट होने के बाद से आज तक खाली पड़ी जमीन के उपयोग पर कोई फैसला नहीं हो सका। प्रशासनिक अनिर्णय का नतीजा यह है कि अब यह इलाका असामाजिक तत्वों के कब्जे में है। पिछले हफ्ते यहां खड़ी पांच बसों को आग के हवाले कर दिया गया।
रोज रात शराबखोरी होती है, जगह-जगह खाली बोतलें और कचरा फैला रहता है। हर रविवार जुआ-सट्टा चलता है। हालात ऐसे हैं कि लोग रात में यहां आने से डरते हैं, जबकि पुलिस की मौजूदगी न के बराबर है।
कॉम्प्लेक्स भी मंजूर नहीं निगम में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा की मेयर मीनल चौबे और एमआईसी ने खाली जमीन पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव रखा। सरकार से चर्चा भी हुई, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। जमीन का उपयोग तय न होने से यहां गाड़ियां और बसें खड़ी की जा रही हैं।
3 बार बदल चुके हैं प्लान पंडरी बस स्टैंड की जमीन पर पहले जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क, फिर थोक कपड़ा बाजार और बाद में ई-बस डिपो का प्रस्ताव आया। हर बार योजना बदली, लेकिन अमल नहीं हुआ। ई-बस डिपो के लिए दूसरी जगह तय हो गई। तीन साल में एक भी योजना जमीन पर नहीं उतरी।