रायपुर/नई दिल्ली: अगर आप प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अपने सपनों का घर बनाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। केंद्र सरकार ने आवास की पात्रता शर्तों में एक ऐसा ऐतिहासिक बदलाव किया है, जो कई नए आवेदकों के अरमानों पर पानी फेर सकता है। अब योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास अगस्त 2024 से पहले की जमीन है।
क्या है नया नियम?
सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, पीएम आवास योजना (ग्रामीण और शहरी) के तहत लाभ लेने के लिए अब ‘लैंड ओनरशिप’ (जमीन के मालिकाना हक) की एक डेडलाइन तय कर दी गई है। नियम के अनुसार, अगस्त 2024 के बाद खरीदी गई जमीन पर मकान बनाने के लिए सरकार कोई भी आर्थिक सहायता प्रदान नहीं करेगी।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, योजना में बढ़ते फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह ‘नॉकआउट’ कदम उठाया गया है। जांच में पाया गया था कि योजना की नई किश्त की घोषणा होते ही कई लोग सिर्फ सरकारी पैसा हड़पने के लिए आनन-फानन में छोटी-छोटी जमीनें खरीद रहे थे। सरकार चाहती है कि इस पैसे का हकदार वही बने जो वास्तव में लंबे समय से बेघर है और जिसके पास अपनी पुश्तैनी या पुरानी खरीदी हुई जमीन मौजूद है।