रायपुर.
रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद अब दंडाधिकारी शक्तियां पुलिस अधिकारियों को मिल गई हैं। इसी क्रम में 16 फरवरी से सेंट्रल जोन में न्यायालयीन कार्यवाही की औपचारिक शुरुआत की गई। डीसीपी उमेश गुप्ता के मार्गदर्शन में एसीपी कोतवाली और एसीपी सिविल लाइन कोर्ट का पहला दिन रहा।
एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं के तहत दो मामलों में जेल वारंट जारी किए, जबकि पांच प्रकरणों में 13 लोगों को कारण बताओ नोटिस और समन भेजे गए। वहीं एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू ने लोक शांति भंग की आशंका पर छह लोगों को नोटिस जारी किए।
कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर अब त्वरित और सख्त कार्रवाई होगी।