67 हजार महतारियों का ‘वंदन’ रुका:क्योंकि… पते पर 50 हजार महिलाएं नहीं, 17 हजार का बायोमेट्रिक फेल

रायपुर | 03 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। राज्य में सत्यापन और तकनीकी जांच के बाद करीब 67 हजार महिलाओं की मासिक आर्थिक सहायता राशि (वंदन किस्त) पर अस्थाई रोक लग गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में खुलासा हुआ है कि 50 हजार से अधिक महिलाएं अपने दिए गए पते पर मौजूद ही नहीं मिलीं, जबकि 17 हजार से ज्यादा हितग्राहियों का आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण बार-बार फेल हो गया। गड़बड़ियों और अपात्रों की छंटनी के चलते विभाग ने इन सभी खातों में राशि ट्रांसफर करने पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।

सत्यापन में बड़ा खुलासा: 50 हजार महिलाएं पते से नदारद

योजना के तहत हर महीने पात्र विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में 1000 रुपये की राशि भेजी जाती है। पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर फील्ड सर्वे और भौतिक सत्यापन कराया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों की जांच में यह बात सामने आई कि लगभग 50 हजार आवेदिकाएं आवेदन में दर्ज पते पर निवासरत नहीं हैं। इनमें से कई महिलाएं विवाह के बाद अन्य जिलों या राज्यों में शिफ्ट हो चुकी हैं, कुछ किराएदार मकान बदल चुकी हैं और कई मामलों में फर्जी पते पर लाभ लेने का संदेह जताया जा रहा है।

17 हजार हितग्राहियों का बायोमेट्रिक और आधार मिसमैच

सत्यापन की दूसरी सबसे बड़ी रुकावट तकनीकी प्रमाणीकरण को लेकर आई है। बैंकों और महिला बाल विकास विभाग के पोर्टल पर 17 हजार से अधिक महिलाओं का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और आधार सीडिंग मिसमैच हो गया। कई बुजुर्ग और श्रमिक महिलाओं के फिंगरप्रिंट घिस जाने के कारण मैच नहीं हो सके, तो कई मामलों में बैंक खाते का नाम आधार कार्ड के विवरण से मेल नहीं खा रहा है। तकनीकी खामियों के चलते डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली ने इन खातों में राशि भेजने से इनकार कर दिया।

दस्तावेज सुधारने और री-वेरिफिकेशन का मिलेगा मौका

विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि वास्तविक और पात्र हितग्राहियों का हक नहीं छीना जाएगा। जिन महिलाओं का बायोमेट्रिक फेल हुआ है या पते में बदलाव हुआ है, उन्हें सुधार के लिए अवसर दिया जा रहा है। संबंधित महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय या चॉइस सेंटर में जाकर अपने आधार और बैंक विवरण का री-वेरिफिकेशन (पुनः सत्यापन) करा सकती हैं। आवश्यक संशोधन और भौतिक सत्यापन पूरा होते ही पात्र महिलाओं के खातों में रुका हुआ पैसा आगामी किस्तों के साथ जारी कर दिया जाएगा।

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