जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और नए मोबाइल नंबर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों से ठगी की रकम का लेन-देन किया गया।
10 हजार से 1 लाख रुपये तक कमीशन का लालच
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करने देने के बदले 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक कमीशन लेते थे। साइबर पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन सामने आए। कई राज्यों में इन बैंक खातों से जुड़े साइबर ठगी के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली।
कई बैंकों के खातों का हुआ इस्तेमाल
जांच में ग्रामीण बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन बैंक समेत विभिन्न बैंकों के खातों का इस्तेमाल सामने आया। आरोप है कि खाताधारक अपने खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और बैंकिंग संबंधी जानकारी साइबर अपराधियों को देते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में किया जाता था।
आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आठों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से बैंक पासबुक समेत अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। संबंधित खातों में लाखों रुपये की राशि होल्ड कराई गई है और रकम की वापसी के लिए संबंधित राज्यों को सूचना भेजी गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या किसी अन्य लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसे खातों का साइबर अपराध में इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।



