सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में महिला पुलिस जवानों का एक अलग अंदाज देखने को मिला। नक्सल मोर्चे पर हथियार लेकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली महिला कमांडो गरबा और डांडिया की धुन पर थिरकती नजर आईं। पुलिस लाइन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पुलिस परिवारों और शहीद जवानों के परिजनों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया।
पुलिस लाइन में पहली बार हुआ गरबा-डांडिया आयोजन
जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर की पहल पर एक दिवसीय गरबा-डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नक्सल मोर्चे पर तैनात महिला कमांडो के साथ दुर्गा फाइटर की महिला जवानों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को आपसी मेलजोल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए अवसर देना था।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पारंपरिक गरबा और डांडिया प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। वर्दी में कठिन जिम्मेदारियां निभाने वाली महिला जवानों का यह सांस्कृतिक रूप उपस्थित लोगों के लिए खास आकर्षण रहा।
शहीद परिवारों की महिलाओं और बच्चों की भी भागीदारी
इस आयोजन की खास बात यह रही कि पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ शहीद जवानों के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया था। महिलाओं और बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे पुलिस परिवारों और शहीद परिवारों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर मिला।
बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। आयोजन में शामिल महिलाओं के उत्साह और प्रतिभा की सराहना की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
कार्यक्रम में सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह, कलेक्टर अमित कुमार, एसपी मयंक गुर्जर, एएसपी रोहित शाह, एएसपी मनोज तिर्की, वन विभाग के एसडीओ परख सारडा और रक्षित केंद्र अधिकारी रवि उपाध्याय अपने परिवारों के साथ उपस्थित रहे।
अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए इस तरह के आयोजन मनोरंजन के साथ आपसी संबंध मजबूत करने का अवसर भी देते हैं।

