रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के WRS कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में विजयादशमी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। इस दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच दशहरा उत्सव का आनंद लिया।
CM साय बोले- हर व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों को मिटाना होगा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजयादशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का संदेश भी है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर रावण रूपी क्रोध विराजमान है, जिसे समाप्त करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर लोगों को सत्य, सदाचार और अच्छे मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
भव्य आतिशबाजी रही आकर्षण का केंद्र
WRS कॉलोनी के दशहरा मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया। रावण दहन के बाद हुई शानदार आतिशबाजी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।
आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान में पहुंचे। पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की भी मौजूदगी रही।
56 वर्षों से चली आ रही दशहरा उत्सव की परंपरा
WRS कॉलोनी का दशहरा उत्सव रायपुर की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। यहां कई दशकों से विजयादशमी का पर्व आयोजित किया जा रहा है। हर साल विशाल रावण दहन और आतिशबाजी देखने के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं।
यह उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। रावण दहन के माध्यम से लोगों को अहंकार, क्रोध और अन्य बुराइयों का त्याग कर अच्छे मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाता है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
विजयादशमी का पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में सत्य, संयम और सदाचार का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री साय के संदेश के साथ WRS कॉलोनी में आयोजित दशहरा उत्सव का समापन उल्लासपूर्ण माहौल में हुआ।

