छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पिछले डेढ़ सालों से लोगों के लिए डर का पर्याय बने खूंखार हाथी बहरादेव की करंट लगने से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह हाथी अक्सर इलाके में फसलों, घरों और लोगों को नुकसान पहुंचाता था।
वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और घटना की जांच कर रही है।
बहरादेव की मौत के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले डेढ़ सालों से यह हाथी उनके लिए डर का सबब बना हुआ था।
वन विभाग ने बहरादेव को नियंत्रित करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन सभी नाकाम रहे। हाथी को पकड़ने के लिए कई अभियान चलाए गए, लेकिन वह हर बार वन विभाग के हाथ से फिसल जाता था।
वन विभाग ने जंगल में ही हाथी को रोकने के लिए अस्थाई हाथी ट्रांजिट फैसिलिटी सेंटर भी विकसित किया था। वहां चारा-पानी की भी व्यवस्था की गई थी, लेकिन हाथी जंगल से बाहर निकलकर आबादी वाले इलाकों में आ जाता था।
आज सुबह बहरादेव करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह जंगल में पेड़ से गिरे बिजली के तार को छू गया था।
हाथी की मौत पर अब सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वन विभाग समय रहते सतर्कता बरतता तो शायद यह हादसा नहीं होता।