खैरागढ़ : राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) द्वारा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ को सी रैंक दिए जाने के बाद एक और विवाद सामने आया है। छुईखदान के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक बीआर यादव ने विश्वविद्यालय की कुलपति ममता चंद्राकर पर फर्जी नौकरी करने का आरोप लगाते हुए अनशन शुरू कर दिया है।
यादव का आरोप है कि ममता चंद्राकर के पास कुलपति पद के लिए आवश्यक योग्यता नहीं है। कुलपति पद के लिए 10 साल का अध्यापन अनुभव होना अनिवार्य है, जबकि ममता चंद्राकर के पास एक दिन का भी अनुभव नहीं है।
यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि ममता चंद्राकर का कार्यकाल 2 दिसंबर 2023 को समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें अवैध रूप से विस्तार दिया गया है।
इसके अलावा, यादव ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विश्वविद्यालय से जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इन सभी आरोपों के आधार पर यादव ने कुलपति ममता चंद्राकर को हटाने की मांग की है।
उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे अनशन जारी रखेंगे। यह मामला विश्वविद्यालय में काफी तूल पकड़ रहा है। छात्रों और शिक्षकों ने भी यादव के समर्थन में आवाज उठाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप अभी तक केवल आरोप ही हैं। इनकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।