छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मैनपाट वन परिक्षेत्र में 13 हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया है। इन हाथियों ने दर्जनों घरों को तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे पहाड़ी कोरवा बस्ती में दहशत का माहौल है।
बीती रात, मोहनाडीहारी उड़मकेला में पहाड़ी कोरवाओं की बस्ती में 13 हाथियों ने धावा बोल दिया। हाथियों के आक्रमण से घबराए लोग अपनी जान बचाने के लिए भागकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। कई लोगों को उड़मकेला आश्रम में शरण लेनी पड़ी, जहां उन्होंने रात बिताई।
वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से देखते हुए मुनादी कराई है और लोगों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी है। वन विभाग के कर्मचारियों ने लोगों को सतर्क रहने और हाथियों के पास नहीं जाने की सलाह दी है।
यह घटना सरगुजा में हाथियों के आतंक का एक और उदाहरण है, जिससे स्थानीय निवासियों को बार-बार जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बावजूद हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे हाथियों को नियंत्रित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और वन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
इस घटना से प्रभावित लोग बेहद परेशान हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्रों में वापस भेजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोगों की जान-माल की रक्षा की जा सके।