एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन द्वारा रायपुर में एकदिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन का आयोजन

रायपुर: एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन आज 26 जून को राजधानी रायपुर के तुता धरना स्थल में एकदिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन आयोजित करेगा। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिए जाने के बावजूद उसे समुचित सम्मान नहीं मिलने के विरोध में किया जाएगा।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ऋतुराज साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोग छत्तीसगढ़ी भाषा बोलते हैं, जो उनकी मातृभाषा और जनभाषा है। 2007 में इसे संविधानिक रूप से राजभाषा का दर्जा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद, इसे वह सम्मान नहीं मिल रहा है जिसका यह हकदार है।

साहू ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में नए स्कूल खुल रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ी में शिक्षा का कोई उल्लेख नहीं है। सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी को लागू करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि हर राज्य में राजकाज उसकी राजकीय भाषा में संचालित होता है, लेकिन दुर्भाग्य से छत्तीसगढ़ में, 16 साल राजभाषा होने के बावजूद, सरकार अभी भी इसमें सरकारी कामकाज शुरू नहीं करा पाई है।

एमए छत्तीसगढ़ी डिग्रीधारियों के लिए विधानसभा में शिक्षा मंत्री द्वारा रोजगार देने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह घोषणा केवल घोषणा ही बनकर रह गई है। सरकार ने अभी तक न तो कोई नोटिफिकेशन जारी किया है और न ही रोजगार प्रदान किए हैं।

साहू ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ से लगातार 9 से 10 सांसद चुने जाते हैं, लेकिन इनमें से किसी ने भी संसद में छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आवाज नहीं उठाई है। चुनावों में छत्तीसगढ़ी का खूब इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद, छत्तीसगढ़ी को दरकिनार कर दिया जाता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य है जो छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति पर आधारित है। इसकी अपनी लिपि, व्याकरण, शब्दकोश और साहित्य है। राज्य में लगभग 66% लोग छत्तीसगढ़ी बोलते हैं। इसके बावजूद, शिक्षा, कामकाज और रोजगार में इस भाषा का उपयोग नहीं होना चिंता का विषय है।

एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन का यह प्रदर्शन इन सभी मुद्दों को उजागर करने और सरकार से उचित कदम उठाने की मांग करने का एक प्रयास है। संगठन ने साहित्यकारों, भाषाविदों, डिग्रीधारियों, भाषा के जानकारों और सभी छत्तीसगढ़वासियों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

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