रायपुर। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और वन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम और अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी व अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
परियोजना के तहत 70 से 80 फीट ऊंचे टावरों पर एआई कैमरे और पीयर-टू-पीयर (P2P) मॉड्यूल लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे बाघ, हाथी, तेंदुआ और भालू जैसे वन्यजीवों के साथ-साथ संदिग्ध मानव गतिविधियों की पहचान कर रियल-टाइम में वन अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए अलर्ट भेजेंगे। दूरस्थ वन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए पी2पी वायरलेस तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार, यह एआई आधारित प्रणाली सीमित मानव संसाधनों के बीच निगरानी क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी। परियोजना के तहत प्रत्येक टावर पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये की लागत आएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्य भारत के सबसे उन्नत प्रयोगों में से एक साबित हो सकती है।



