रायपुर। Ajay Chandrakar ने विधानसभा में वन, परिवहन और सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सालभर में लगभग 4 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जिससे राज्य देश में वृक्षारोपण के मामले में तीसरे स्थान पर है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पेड़ों की कटाई में राज्य सातवें स्थान पर है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने वन क्षेत्र में कमी, हाथी-मानव संघर्ष और बाघों की मौत पर चिंता जताते हुए संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही जंगल सफारी में विशेषज्ञों की कमी दूर करने, वेटलैंड संरक्षण और वन्यजीवों के लिए पशु चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।
परिवहन विभाग पर बोलते हुए चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सड़क दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत है।
उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को रोजगार का बड़ा माध्यम बताते हुए इसे मजबूत करने, ऋण व्यवस्था को बाजार के अनुकूल बनाने और Amul जैसे सहकारी मॉडल को अपनाने की बात कही। साथ ही लघु वनोपज, मत्स्य पालन और अन्य सामुदायिक रोजगारों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की।