अमित बघेल को 5 राज्यों में अलग-अलग बेल लेनी होगी: 3 दिन की रिमांड खत्म, 12 FIR क्लब नहीं होंगी; 10 सवालों में समझें लीगल प्रोसेस

रायपुर/नई दिल्ली, 8 दिसंबर 2025: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) प्रमुख अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद 5 राज्यों में अलग-अलग बेल लेनी होगी। 3 दिन की पुलिस रिमांड सोमवार को खत्म हो गई। हेट स्पीच के 12 FIR (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़) क्लब नहीं होंगी। SC ने कहा, “हर राज्य में अलग प्रक्रिया।” बघेल की मां के अंतिम संस्कार के बाद रिमांड हुई, अब ट्रांजिट रिमांड पर भेजे जाएंगे।

लीगल प्रोसेस को 10 सवालों में समझें:

1.  रिमांड क्या है? गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के लिए 3-15 दिन का समय।

2.  ट्रांजिट रिमांड क्यों? एक राज्य की FIR पर दूसरे राज्य ले जाना।

3.  FIR क्लब क्यों नहीं? SC: अलग-अलग राज्य, अलग अधिकार क्षेत्र।

4.  बेल कैसे मिलेगी? हर राज्य में मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका।

5.  समय लगेगा कितना? 15-30 दिन प्रति राज्य, कुल 3-6 महीने।

6.  कैविएशन क्यों? SC ने पहले ही याचिका खारिज, अब निचली अदालतें।

7.  समर्थक क्या कर रहे? रायपुर में धरना, BJP पर आरोप।

8.  JCP का स्टैंड? “राजनीतिक हत्या, न्याय लड़ेंगे।”

9.  हेट स्पीच केस में सजा? IPC 153A, 505: 3-5 साल तक।

10.  अगला कदम? मंगलवार को MP कोर्ट में पहली सुनवाई।

मामले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।

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