छत्तीसगढ़ के भिलाई के न्यू खुर्सीपार गणेश चौक निवासी रजत शर्मा के खाते से एक करोड़ 10 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है। बैंक से फोन आने पर रजत को इस लेनदेन की जानकारी हुई और बैंक ने खाते को ब्लॉक कर दिया। रजत ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके खाते को किराये पर लेकर उसका गलत इस्तेमाल किया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रजत के खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टा के लेनदेन के लिए किया गया है। खुर्सीपार पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी सतबीर सिंह को हिरासत में लिया है और दूसरे आरोपी आयुष थडानी की तलाश जारी है।
रजत शर्मा, जो आरएस इवेंट्स नाम की कंपनी चलाते हैं, ने आईसीआईसीआई बैंक में एक कॉर्पोरेट खाता खोला था। उन्हें 50 हजार रुपये की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने अपने दोस्त आयुष से मदद मांगी थी। आयुष ने उन्हें सतबीर सिंह से मिलवाया, जिसने रजत के खाते का इस्तेमाल करने के बदले 50 हजार रुपये देने का वादा किया था।
सतबीर ने रजत से खाते का नेट बैंकिंग सिम ले लिया और उसके दोस्त संदीप के खाते में दो बार में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। अगले दिन बैंक से रजत को फोन आया कि उसके खाते में एक करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जिसके कारण खाता ब्लॉक कर दिया गया है।
सतबीर सिंह मलेशिया और श्रीलंका में ऑनलाइन सट्टा कारोबार कर चुका है और खातों की सप्लाई करता था। इस काम में हाउसिंग बोर्ड और सुपेला के भी युवक शामिल हैं। सतबीर ने अपनी बहन लीना सिंह के यूपीआई से रजत को रुपये ट्रांसफर किए थे, जिससे लीना की भूमिका भी संदिग्ध है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक लीना सिंह को आरोपित नहीं बनाया है।
पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आयुष थडानी की तलाश जारी है। रजत शर्मा ने पुलिस को अपने खाते के गलत इस्तेमाल के संबंध में जानकारी दी है, और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ऑनलाइन सट्टा और धोखाधड़ी के मामलों में सतर्कता बरतना जरूरी है और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखना चाहिए।

