रायपुर: छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित साड़ियों की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2024-25 में 500 रुपये प्रति साड़ी की दर से दी गई यूनिफॉर्म में लंबाई और बुनाई में खामियां पाई गईं।
जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि दोषपूर्ण साड़ियों को वापस लेकर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजें। तय समय पर जानकारी नहीं देने वाले जिलों की मांग बाद में स्वीकार नहीं की जाएगी।
अब साड़ियों की आपूर्ति की जिम्मेदारी फिर से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को सौंपी गई है, ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार नई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा सके। इस मामले को लेकर प्रदेश में सियासी हलचल भी तेज हो गई है।

