छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के आरंग में 7 जून को हुई मॉब लिंचिंग की घटना के बाद पुलिस ने SIT का गठन कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। SIT ने अब तक इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बजरंग दल ने गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई की मांग करते हुए आज रायपुर में जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया। इसमें प्रदेशभर से हजारों साधु-संत और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर नारेबाजी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पुलिस ने भी प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मौके पर 4 ASP, 10 CSP, DSP और 15 से 20 थाना प्रभारी तैनात किए गए थे।
आरंग मॉब लिंचिंग मामला क्या है?
7 जून को रायपुर-महासमुंद सीमा पर हुई इस घटना में यूपी के सहारनपुर निवासी सद्दाम कुरैशी (23), गुड्डू खान (35) और चांद मिया खान (23) मवेशी लेकर जा रहे थे। इस दौरान आरंग में महानदी नदी के पुल पर उन्हें रोक लिया गया और उन पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमले में चांद मियां और गुड्डू खान की मौत हो गई, जबकि सद्दाम घायल हो गया। सद्दाम ने भी बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और समाज के लोगों ने मॉब लिंचिंग का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किए थे। पुलिस ने इस मामले में SIT का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है बजरंग दल का आरोप?
बजरंग दल का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष गौ रक्षकों को गिरफ्तार किया है। वे मांग कर रहे हैं कि सभी आरोपियों को तुरंत रिहा किया जाए।
यह घटना प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकती है। पुलिस दोनों पक्षों को शांत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रही है।

