भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और छत्रपति शिवाजी की आकर्षक रंगोलियो ने खींचा ध्यान

देवास कला प्रेमियों का शहर है, जहां होली का त्योहार रंगों के साथ-साथ रंगोलियों की अनूठी प्रदर्शनी के लिए भी जाना जाता है। यह परंपरा सालों से चली आ रही है, और इस साल भी युवा भगत सिंह क्लब द्वारा दो दिवसीय रंगोली प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

चित्रकार देवयानी चयन जोशी ने इस बार 10 अद्भुत रंगोलियां बनाईं, जो शालिनी रोड पर प्रदर्शित की गईं। इनमें सिया के राम, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, छत्रपती शिवाजी महाराज, कामनेश्वर गणपति मंदिर, शिव शक्ति, राधा, मेरा परिवार (पीएम मोदी), राधा कृष्ण, भक्त प्रह्लाद और गुरु गोपाल कृष्ण उपाध्याय जैसे विषयों को दर्शाया गया था।

रंगोली कलाकृतियां जीवंत लगती थीं, और एक महीने की मेहनत से बनाई गई थीं। देवास में होली पर रंगोलियां बनाने की परंपरा आज भी जीवित है, और देर रात तक शहरवासी इन कलाकृतियों को देखने पहुंचते हैं।

2024 में भी युवा भगतसिंह क्लब द्वारा यह रंगोली का अनूठा कार्यक्रम दो दिनों तक आयोजित किया जाएगा। इस बार नए चित्रकारों को भी मौका दिया गया था।

पिछले कई सालों से अलग-अलग कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। रंगोली की अनूठी प्रदर्शनी देखने शालिनी रोड पर लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

चित्रकार देवयानी का कहना है कि वह कई सालों से फाइन आर्ट का कोर्स कर रही हैं और चित्रकारिता में अपना कार्य लगातार करती आ रही हैं। विभिन्न रंगों के माध्यम से इस तरह चित्रकारी को कैनवास पर उकेरा जा सकता है।

देवास में होली का त्योहार रंगों और रंगोलियों का संगम है। यह परंपरा कलाकारों और शहरवासियों को एक साथ लाती है, और त्योहार को और भी खास बनाती है।

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