बलौदाबाजार जिले में हुई हिंसा के मामले में 140 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार ने पहले ही जिले के अधिकारियों का तबादला कर दिया था और कुछ को सस्पेंड भी कर दिया था।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए एएसपी और एसडीओपी को हटा दिया है।
बलौदाबाजार जिले के 112 बैच के एएसपी का ट्रांसफर रायपुर कर दिया गया है। वहीं भाटापारा के एसडीओपी आशीष अरोरा को भी हटा दिया गया है।
यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है जिनमें कहा गया है कि हिंसा को भड़काने और रोकने में अधिकारियों ने लापरवाही बरती।
हिंसा के पीछे की वास्तविक वजहों और जिम्मेदारों की जांच अभी भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना राज्य में कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है। राजनीतिक दलों को इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय शांति बनाए रखने और पीड़ितों की मदद करने पर ध्यान देना चाहिए।