बलौदाबाजार जिले के बहुचर्चित सेक्स स्कैंडल मामले में पुलिस की भूमिका पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। इस कांड के मास्टरमाइंड शिरीष पांडे की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही थी कि मामले से जुड़े कई रहस्य खुलेंगे। पुलिस की पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके बाद बलौदाबाजार कोतवाली में पूर्व में पदस्थ प्रधान आरक्षक अंजोर सिंह मांझी को गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय में पेशी के बाद उन्हें 12 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेम सागर सिदार ने जानकारी दी कि बलौदाबाजार में पदस्थ प्रधान आरक्षक अंजोर सिंह मांझी का नाम इस सेक्स स्कैंडल मामले में पूछताछ के दौरान प्रथम दृष्टया सामने आया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 12 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस कांड में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता की अटकलें
इस सेक्स स्कैंडल मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से पांच को जमानत मिल चुकी है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं। इस घटना में जनप्रतिनिधियों के भी शामिल होने की चर्चा नगर में है, लेकिन इस विषय को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गिरफ्तार प्रधान आरक्षक अंजोर सिंह मांझी ने जेल जाते समय आरोप लगाया कि पुलिस के ही कुछ अधिकारियों ने उन्हें इस मामले में फंसा दिया है।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
अब इस मामले में आगे की जांच से ही पता चलेगा कि प्रधान आरक्षक के अलावा और कौन-कौन से पुलिस अधिकारी, जवान और जनप्रतिनिधि इस घटना में शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सभी संभावित संलिप्तताओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या-क्या खुलासे होते हैं और न्यायिक प्रक्रिया में किस प्रकार की नई जानकारियां सामने आती हैं।

