बलौदाबाजार: बलौदाबाजार में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में 1300 पेज का चालान पेश किया है। इस चालान में जिला संयुक्त कार्यालय में हुई आगजनी की घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि ग्राम महकोनी में अमरगुफा के जैतखाम काटे जाने के बाद सतनामी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई और कई सरकारी कार्यालयों में आग लगा दी गई। पुलिस ने इस मामले में 13 एफआईआर दर्ज की थी और अब तक 10 चालान पेश किए जा चुके हैं।
कौन-कौन हैं आरोपी
इस मामले में संयुक्त जिला कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को जलाए जाने के दो मामलों में 61 आरोपियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने अब तक 183 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी के साथ कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव भी शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले की जांच में दिन-रात एक कर दिया था। लगभग 70 विवेचकों ने इस मामले में दस्तावेज तैयार किए। पुलिस ने बताया कि इस घटना की जांच में तकनीकी टीम का भी सहयोग लिया गया है और अभी भी कई आरोपियों की तलाश जारी है।
शासन को हुआ 13 करोड़ का नुकसान
इस हिंसा में शासन को लगभग 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में कुल 356 आरोपी हैं और अभी भी जांच जारी है।
क्या कहा एसपी ने
एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि इस घटना की जांच करने में पुलिस ने काफी मेहनत की है और इतने कम समय में इतने बड़े मामले का चालान पेश करना एक बड़ी उपलब्धि है।
समाज में फैली थी नाराजगी
बता दें कि अमरगुफा के जैतखाम काटे जाने के बाद सतनामी समाज के लोगों में काफी नाराजगी थी। पुलिस ने इस मामले में बिहार के तीन मजदूरों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं थे और सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।
क्या हैं सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में कई सवाल उठ रहे हैं। जैसे कि किसने इस हिंसा को भड़काया? किसने बाहरी लोगों को बुलाया? किसने इस तरह के बड़े आयोजन के लिए चंदा दिया? इन सभी सवालों के जवाब अभी भी तलाशे जा रहे हैं।

