रायगढ़। बरमकेला अपेक्स बैंक से जुड़े 10 करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) करेगी। बैंक से जुड़ी 6 सहकारी समितियों के खातों से यह राशि निकाले जाने की बात सामने आई है, जिससे समिति प्रबंधकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
हालांकि, अब तक दर्ज एफआईआर में केवल बैंक अधिकारी और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। बैंकिंग नियमों के अनुसार समिति खातों से बड़ी रकम निकालने में समिति प्रबंधकों की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन कार्रवाई में उनका नाम नहीं जोड़ा गया है।
शाखा प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में तत्कालीन डीआर वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल सहित आठ कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि निजी आईडी-पासवर्ड का इस्तेमाल कर कई ट्रांजेक्शन किए गए।
कलेक्टर संजय कन्नौजे ने बताया कि मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष टीम बनाई जा चुकी है, जबकि आगे की जानकारी सहकारिता विभाग से ली जाएगी।