जगदलपुर। बस्तर में हवाई सेवाओं के विस्तार की मांग वर्षों से जारी है, लेकिन ज़मीनी हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जगदलपुर का मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट अधूरे रनवे और लंबित प्रक्रियाओं के कारण विकास की रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बने इस एयरपोर्ट का रनवे आज भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सका है, जिसके चलते बड़े विमानों की लैंडिंग संभव नहीं है और सेवाएं केवल छोटे रीजनल विमानों तक सीमित हैं। रनवे की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई थी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा पूरी राशि जारी कर दी गई है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है।
इधर बस्तर में पर्यटन बढ़ रहा है, लेकिन एयरपोर्ट की खराब विजिबिलिटी और अधूरी सुविधाएं हवाई सेवाओं में बाधा बन रही हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि रनवे और विजिबिलिटी में सुधार होने पर क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर रनवे सुधार का काम शुरू किया जाएगा, जिससे बस्तर में बेहतर और नियमित हवाई सेवाएं संभव हो सकेंगी।

