जगदलपुर: लगातार हो रही बारिश के कारण बस्तर संभाग में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। एसडीआरएफ की 51 टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बस्तर संभाग में बीजापुर और सुकमा जिलों को सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाका माना जाता है। इन जिलों में रेस्क्यू टीमों को विशेष रूप से तैयार रहने के लिए कहा गया है। साथ ही, सभी जवानों को आवश्यक संसाधनों से लैस किया गया है।
जिले में बाढ़ से प्रभावित होने वाले 15 गांवों की भी पहचान की गई है। ये गांव हर साल बाढ़ में डूब जाते हैं। इन इलाकों के लिए नगर सेना और जिला प्रशासन ने मिलकर आवश्यक रणनीति तैयार की है।
बस्तर उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से घिरा हुआ है। इस वजह से बारिश के मौसम में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। जिसके कारण अंदरूनी इलाकों के कई गांव टापू बन जाते हैं और उनका मुख्यालय से संपर्क कट जाता है।
एसडीआरएफ की टीमों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहा गया है। इन टीमों को बाढ़ बचाव और राहत कार्यों में प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही, इनके पास नाव, मोटरबोट और अन्य आवश्यक उपकरण भी मौजूद हैं।

