Site icon India & World Today | Latest | Breaking News –

छत्तीसगढ़ में सरकारी राशन दुकान में 23 लाख की गड़बड़ी, महिला स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों पर FIR

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित सरकारी राशन दुकान में लाखों रुपये के खाद्यान्न की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान चावल और नमक के स्टॉक में बड़ी कमी मिलने के बाद खाद्य विभाग की शिकायत पर महिला स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों और विक्रेता समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। खाद्यान्न की कुल कीमत करीब 22.91 लाख रुपये आंकी गई है।

जांच में 527 क्विंटल चावल और 21 क्विंटल नमक की कमी

यह मामला नांदघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेमरी की शासकीय उचित मूल्य दुकान से जुड़ा है। खाद्य विभाग की जांच के मुताबिक, 12 फरवरी से 29 जुलाई 2026 के बीच दुकान के स्टॉक में 527 क्विंटल चावल और 21 क्विंटल नमक की कमी पाई गई। इन खाद्य सामग्री की कीमत 22 लाख 90 हजार 910 रुपये बताई गई है।

इसके अतिरिक्त, नागरिक आपूर्ति निगम के खाते में जमा की जाने वाली 65 हजार रुपये की अग्रिम राशि भी जमा नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है।

दुकान का हस्तांतरण करते समय खुला मामला

जानकारी के अनुसार, राशन दुकान का संचालन साहेब बंदगी स्व-सहायता समूह, एरमशाही कर रहा था। जब दुकान को धनलक्ष्मी महिला समूह को सौंपने की प्रक्रिया चल रही थी, तब खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया। इसी दौरान रिकॉर्ड और उपलब्ध स्टॉक में अंतर सामने आया।

खाद्य विभाग की ओर से संबंधित संचालकों को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की गई।

समूह के पदाधिकारियों समेत अन्य लोगों पर मामला दर्ज

नवागढ़ एसडीएम के निर्देश पर खाद्य निरीक्षक प्राची केशरवानी की शिकायत के आधार पर नांदघाट पुलिस ने समूह की अध्यक्ष पुष्पा बाई, सचिव नीरा बाई, विक्रेता मनीष साहू और अन्य संबंधित सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।

जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर

सरकारी राशन दुकानें जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में स्टॉक में बड़ी कमी सामने आने से वितरण व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। पुलिस मामले की जांच के तहत दर्ज शिकायत और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

Exit mobile version