छत्तीसगढ़ के भिलाई से संचालित होने वाले ऑनलाइन सट्टे और ठगी के साम्राज्य का एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 2400 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड लवीश अब पुलिस और एजेंसियों से बचने के लिए ओमान (Oman) में शरण लिए हुए है। वहीं, भिलाई में उसका सहयोगी चरण नए सिरे से जाल बिछा रहा है।
जाँच में सामने आया है कि ED की छापेमारी और सख़्ती के बाद सट्टेबाजों ने अपना पैंतरा बदल लिया है। सट्टेबाजों का कहना है कि “ब्रॉड-ब्रो (Broad-Bro)” जैसे पुराने प्लेटफॉर्म बंद कर अब “डूफी (Doofy)” नाम से नया ऐप शुरू किया गया है।
“ED का प्रेशर है, 9 दिन में पैसा डबल”
सोशल मीडिया और प्राइवेट ग्रुप्स में सट्टेबाज चरण के कुछ चैट्स और वॉयस नोट्स सामने आए हैं, जिनमें वह अपने नेटवर्क को समझा रहा है:
• नया दांव: पुराने ऐप्स पर ED की पैनी नज़र होने के कारण उन्हें बंद कर दिया गया है।
• लालच का खेल: अब ‘डूफी’ के जरिए लोगों को फँसाया जा रहा है, जिसमें 9 दिन में पैसे डबल करने का झांसा दिया जा रहा है।
• भय का माहौल: मास्टरमाइंड लवीश के विदेश भागने के बाद स्थानीय बुकी डरे हुए हैं, लेकिन ‘करोड़ों के मुनाफ़े’ का लालच उन्हें इस दलदल से निकलने नहीं दे रहा।
पुलिस और ED की कार्रवाई
ED ने इस सिंडिकेट के कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, लेकिन मास्टरमाइंड विदेशों से क्रिप्टोकरंसी और हवाला के जरिए पैसों का लेन-देन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस अब लवीश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है ताकि उसे ओमान से भारत लाया जा सके।